संवर्धन एवं विपणन विपणन एक आवश्यक (महत्वपूर्ण) साधन है जिसका प्रयोग आप अपना व्यापार स्थापित करते समय कर सकते हैं। अध्ययन करें किन्तु अनिवार्यत: अपने प्रतिस्पर्धी की गतिविधियों की नकल न करें, उनके व्यवसायों का दौरा करें, उनके विज्ञापन देने, उनकी कार्यनीतियों का आकलन करें तथा अपनी आंखें खुली रखें। आप संभवत: अपने प्रतिस्पर्धी की कार्यनीति का कदम दर कदम अनुसरण नहीं कर सकते। तथापि, आपको तत्पर रहना चाहिए तथा प्रभावी विपणन एवं व्यापार संवर्धन के जरिए उनकी गतिविधियों को काटने या अवरूद्ध करने में समर्थ होना चाहिए।
एकल सफल व्यवसाय संवर्धन एवं विपणन योजना तैयार करें
एक अच्छी विपणन योजना में कम्पनी के संबंध में कौन, क्या, कहाँ कब और कितना संबंधी प्रश्न सारांशित होते हैं।
- लक्षित क्रेता कौन हैं?
- बाज़ार में आप के उत्पाद की अद्वितीय: के स्रोत या प्रास्थिति क्या हैं?
- आप अपनी विपणन व्यय योजनाओं को कहाँ क्रियान्वित करेंगे?
- विणन व्यय योजनाएं कब आरम्भ होंगी?
- आप कितनी बिक्री, व्यय तथा लाभ हासिल करेंगे?
आपकी व्यवसाय योजना में निहित वित्तीय अनुमान आपकी विपणन योजना में निहित अवधारणाओं पर आधारित हैं। विपणन योजना में ये ब्यौरे दिए जाते हैं कि कौन से व्यय किए जाएंगे, बिक्री के किस स्तर को हासिल किया जाएगा तथा कब और कैसे विज्ञापन तथा संवर्धनात्मक व्यय किए जाएंगे।
विपणन योजना के प्रमुख तत्व हैं:
- स्थिति विश्लेषण में उस सम्पूर्ण विपणन माहौल का, जिसमें कम्पनी प्रतिस्पर्धा करती है तथा कम्पनी उत्पादों का प्रास्थिति एवं वितारण चैनलों का वर्णन किया जाता है।
- अवसर एवं मुद्दा विश्लेषण में कम्पनी के समक्ष प्रमुख मुद्दों पर चर्चा सहित कम्पनी के लिए प्रमुख बाह्य अवसरों एव खतरों तथा कम्पनी की आंतरिक क्षमताओं एवं कमज़ोरियों विश्लेषण किया जाता है।
- लक्ष्य तथा उद्देश्य संभाग में प्रमुख कम्पनी लक्ष्यों एवं विपणन तथा वित्तीय उद्देश्यों की रूपरेखा दी जाती है।
- विपणन कार्यनीति संभाग में कम्पनी का विपणन कार्यनीति विवरण दिया जाता है जिसमें प्रमुख लक्षित क्रेता विवरण दिया जाता है जिसमें प्रमुख लक्षित क्रेता विवरण, प्रतिस्पर्धी बाजार खंड जिनमें कम्पनी प्रतिस्पर्धा करेगी, प्रतिस्पर्धा की तुलना में कम्पनी एवं इसके उत्पादों की अद्वितीय अवस्थिति, कारण जिनकी वजह से यह क्रेताओं के लिए अद्वितीय या अनिवार्य है, प्रतिस्पर्धा बनाना कीमत कार्यनीति, विज्ञापन एवं संवर्धन सहित विपणन व्यय कार्यनीति तथा सम्भव अनुसंधान एवं विकास तथा बाजार अनुसंधान व्यय कार्यनीतियों का साराश दिया जाता है।
बिक्री एवं विपणन योजना में बिक्री को बढ़ाने की प्रत्येक विशिष्ट विपणन घटना एवं कार्य योजना की रूप रेखा दी जाती है। उदाहरणार्थ, इसमें प्रत्येक कार्यक्रम के लिए व्यय, समय निर्धारण तथा अंश अथवा नौवहन लक्ष्यों सहित त्रैमासिक संवर्धन एवं विज्ञापन योजनाओं का सारांश निहित होगा।
बिक्री एवं विपणन योजना में बिक्री को बढ़ाने की प्रत्येक विशिष्ट विपणन घटना एवं कार्य योजना की रूप रेखा दी जाती है। उदाहरणार्थ, इसमें प्रत्येक कार्यक्रम के लिए व्यय, समय निर्धारण तथा अंश अथवा नौवहन लक्ष्यों सहित त्रैमासिक संवर्धन एवं विज्ञापन योजनाओं का सारांश निहित होगा।
अपने उत्पाद या सेवा के विपणन के कुछ तरीके हैं
- स्थानीय समाचारपत्रों के सम्पादकों को पत्र (मुद्दों तथा समाचार मदों के संबंध में जिनका आपके व्यापार के साथ कुछ संबंध है) लिखें।
- ऐसे उपहार रखें (उदाहरणार्थ पुस्तकचिन्ह या पेन) जो उपयोगी हो तथा आपके व्यवसाय के ब्यौरे दें।
- अपने उत्पादों तथा अपने व्यापार के संबंध में समाचार विज्ञप्तियों स्थानीय समाचारपत्रों, रेडियो तथा दूरदर्शन प्रदर्शनों को भेजे।
- किसी स्थानीय समूह प्रकाशन में विज्ञापन निकालें।
- समुचित मंच पर अपनी उत्पाद या सेवा से जुड़े किसी विषय पर प्रस्तुतीकरण करने की पेशकश करें।
- ‘विशिष्टीकृत’ समाचार पत्रिकाओं, समाचार पत्रों या अन्य प्रकाशनों का पता लगाने के लिए सचेत रहें जो आपके द्वारा लिखे किसी लेख को प्रकाशित कर सकते हैं।
- इंटरनेट पर जाएं तथा विश्व के साथ अपने स्वयं के होम पृष्ठ के साथ संबंध स्थापि करें।
याद रखें कि विपणन वह चेहरा है जो आप उत्पाद की अद्वितीयता एवं गुणता पर विशिष्ट प्रकाश डालते हुए जनता को दिखाते हैं। किसी विज्ञापन अथवा वितरण पैम्फलेट को जारी करने से पूर्व उसकी विषयवस्तु तथा रूपरेखा की जांच करें। वर्तमान प्रतिस्पर्धी परिदृश्य में विपणन एक निरंतर महत्वपूर्ण साधन बनता जा रहा है, बताएं कि आप का उत्पाद या सेवाएं क्या कर सकती है। किन्तु आप दे नहीं सकते उसका आश्वासन न दे (उसकी वचनद्धता नहीं करें)। |