संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की स्थापना भारत के संविधान के अनुच्छेद 315 के तहत की गई थी। आयोग विभिन्न सेवाओं और पदों जैसे कि सिविल सेवाएं, इंजीनियरिंग, चिकित्सा और वन सेवाएं आदि में भर्ती के लिए प्रतियोगितात्मक परीक्षाएं आयोजित करता है।
भर्ती तीन प्रविधियों के जरिए की जाती है
- सीधी भर्ती
- पदोन्नति
- स्थानांतरण
सीधी भर्ती प्रविधि में निम्नलिखित तरीके से भर्ती होती है:-
- प्रतियोगिता परीक्षाएं:
सविधान के अधीन आयोग का एक कार्य सिविल सेवाओं और पदों में नियुक्ति के लिए परीक्षाएं आयोजित करना है। इसके अतिरिक्त कुछ रक्षा सेवाओं राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, नेवल अकादमी, वायु सेना अकादमी और अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी में प्रवेश के लिए आयोग रक्षा मंत्रालय के साथ समन्वयन करके प्रतियोगिता परीक्षाओं का भी आयोजन करता है।
आयोग साधारणत: विविध क्षेत्रों में जैसाकि सिविल सेवा, इंजीनियरिंग, चिकित्सा और वन सेवा आदि में सेवाओं। पदों के लिए भर्ती हेतु अखिल भरत आधार पर प्रति वर्ष एक दर्जन से भी अधिक परीक्षाएं आयोजित करता है।
- चयन द्वारा भर्ती:
केवल साक्षात्कार द्वारा - जब आवेदकों की संख्या बहुत अधिक होती है तो आयोग कार्य संबंधी कुछ निर्धारित मानदंडों के आधार पर कुछ चुने हुए उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाता है।
लिखित परीक्षा इसके बाद साक्षात्कार द्वारा -इस श्रेणी में दो प्रक्रियाएं अपनाई जाती हैं:
- वस्तुनिष्ठ लिखित और/या व्यावहारिक परीक्षण ताकि उम्मीदवार का कौशल का परीक्षण किया जा सके इसके बाद साक्षात्कार होता है। अंतिम चयन का निर्णय साक्षात्कार द्वारा लिया जाता है इसमें लिखित परीक्षा या व्यावहारिक परीक्षा में उम्मीदवार के कार्य निष्पादन से सहायता मिलती है।
- वस्तुनिष्ठ लिखित और/या व्यावहारिक परीक्षण उन उम्मीदवारों की छान-बीन करने के लिए किया जाता है जिन्हें साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना है, अंतिम चयन का निर्णय केवल साक्षात्कार द्वारा लिया जाता है।
और अधिक ब्यौरों के लिए संघ लोक सेवा आयोग का वेबसाइट देखें।
स्रोत : राष्ट्रीय पोर्टल विषयवस्तु प्रबंधन दल |
|
|