सशस्त्र सेनाएं आदर्श सेवा, त्याग, देशभक्ति और हमारे देश की मिश्रित संस्कृति का प्रतीक होती है। सशस्त्र सेनाओं में भर्ती स्वैच्छिक रूप से होती है और भारत का प्रत्येक नागरिक, अपनी विभिन्न जाति, वर्ग, धर्म और समुदाय के होने के बावजूद सशस्त्र बलों में भर्ती होने का पात्र होता है बशर्ते कि वह इस प्रयोजन के लिए निर्धारित शारीरिक, चिकित्सीय और शैक्षिक मानदंडों को पूरा करता है। थल सेना में भर्ती प्रत्येक राज्य की भर्तीयोग्य पुरूषों की जनसंख्या (आरएमपी) के अनुसार की जाती है।
सशस्त्र बलों में कमीशन प्राप्त अधिकारियों की भर्ती मुख्यत: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के माध्यम से की जाती है। यूपीएससी अखिल भारतीय प्रतियोगिता परीक्षाओं का आयोजन करना है जो मिश्रित रक्षा सेवा परीक्षा (सीडीएसई) के नाम में जानी जाती है, इसका आयोजन वर्ष में दो बार किया जाता है। परीक्षा देने के बाद सफल उम्मीदवार संबंधित प्रशिक्षण अकादमी में प्रेवश करते हैं अर्थात थल सेना के लिए द इंडियन मिलीटरी अकादमी (आईएमए) जल सेना के लिए द नेवल अकादमी और वायु सेना के लिए एयर फोर्स अकादमी।
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