देश में पुलिस बल को सार्वजनिक व्यवस्था का रखरखाव करने तथा अपराधों की रोकथाम और उनका पता लागने की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। भारत के प्रत्येक राज्य और संघ राज्य क्षेत्र का अपना अलग पुलिस बल है। भारत के संविधान का अनुच्छेद 246 पुलिस को राज्य सूची में रखता है जिसका मतलब यह है कि राज्य सरकारें प्रत्येक पुलिस बल को शासित करने वाले नियम और विनियम बनाती है। ये नियम और विनियम प्रत्येक राज्य के पुलिस बल की नियमावली में सन्निहित है।
राज्य के पुलिस बल का मुख्य पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिरीक्षक होता है। प्रत्येक राज्य को सुविधाजनक क्षेत्रीय मण्डलों में बांटा गया है जो रेंज कहलाता है और प्रत्येक पुलिस रेंज पुलिस उप महानिरीक्षक के प्रशासनिक नियंत्रिकधीन होता है। एक रेंज में अनेकानेक जिले होते हैं। जिला पुलिस को और आगे पुलिस डिविजन में सर्कलों और थाना में विभाजित किया जाता है। सिविल पुलिस के अलावा राज्य अपना स्वयं की सशस्त्र पुलिस की भी रखते हैं और उनमें अलग से आसूचना शाखाएं, अपराध शाखाएं आदि होती है। दिल्ली, कोलकाता, मुम्बई, चेन्नई, बैंगलोर, हैदराबाद, अहमदाबाद, नागपुर, पुना आदि जैसे बड़े शहरों में पुलिस व्यवस्था प्रत्यक्ष रूप से पुलिस आयुक्त के अधीन होती है जिसको मजिस्ट्रेट की शक्ति मिली होती है। विभिन्न राज्यों में सभी बड़े पुलिस के पदो में भारतीय पुलिस सेवाएं (आईपीएस) संवर्ग के द्वारा लिया जाता है, जिसके लिए भर्ती अखिल भारत के आधार पर होती है।
केन्द्रीय सरकार केन्द्रीय पुलिस बल रखती है, इसके पास आसूचना ब्यूरो (आईबी), केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) पुलिस अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए संस्थाएं और विधि विज्ञान संस्थाएं राज्यों को आसूचना एकत्र करने में सहायता करने के लिए, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए, विशेष आपराधिक मामलों की जांच करने और राज्य सरकारों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के लिए होते हैं।
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