 |
भारत का संविधान के अनुच्छेद 309 विनिर्दिष्ट करता है कि उपयुक्त विधान के अधिनियम लोक सेवा और केन्द्र या किसी राज्य के कार्यों के संबंध में नियुक्त कर्मियों की सेवा की भर्ती और शर्तों को विनियमित करते हैं। तथापि आज तक अखिल भारत सेवा, अधिनियम 1951 को छोड़कर कोई भी व्यापक लोक सेवा कानून प्रवर्तित नहीं किया गया है, जिसका सीमित अनुप्रयोग है। |
|
माननीय प्रधानमंत्री ने व्यापक लोक सेवा कानून/अधिनियम बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है, जो पहले लागू किए गए असंरक नियमों/विनियमों को शामिल करने के लिए अम्ब्रेला अधिनियम होगा। इसके अनुसरण में केन्द्रीय सरकार ने लोक सेवा विधेयक 2006 का मसौदा तैयार किया जो भारत में लोक सेवाओं के विनियमन के लिए सांविधिक आधार प्रदान करेगा, इसकी समीक्षा करेगा और लोक सेवा के मूलभूत मूल्यों को निर्धारित, नीति शास्त्र के लोक सेवा संहिता, लोक सेवा प्रबंधन संहिता, सीटी बजाने वालों की रक्षा और भर्ती कोड जो लोक सेवा को शासित करता है और व्यवसायिक, राजैनिक रूप से तटस्थ, योग्यता आधारित और नागरिकों के लिए अच्छे शासन एवं बेहतर सेवा प्रदान करने के संवर्धन करने के लिए जिम्मेदार लिखतों के मूलभूत मूल्य की समीक्षा और निर्धारण करेगा। मसौदा विधेयक में अखिल भारत की सेवाएं और केन्द्रीय सेवाएं शामिल होंगी। तथापि, राज्य सरकारें इसे अपनी संबंधित सेवाओं के लिए सरकारी राजपत्र में उपयुक्त अधिसूचना जारी करके अपना सकते हैं।
टिप्पणियां : सिविल सेवा संघों और सामान्य जनता सभी संबंधित अपना दृष्टिकोण भेज सकते हैं। टिप्पणियों और विचारों के लिए कृपया संपर्क करें।
श्रीमती संगीता सिंह
निदेशक (सेवाएं)
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग
नॉर्थ ब्लॉक नई दिल्ली 110001
टेलीफोन 011-23093591
फैक्स 011-23094001
ई मेल:
ssangeeta@nic.in |
श्री जी सी पाण्डे
अवर सचिव (एसIII) कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग,नॉर्थ ब्लॉक
नई दिल्ली – 110001.
टेलीफोन : 011-23092285
फैक्स: 011-23094001
ई मेल
:
gc_pandey@dpt.nic.in |
|