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| आयोग द्वारा निम्नलिखित अध्ययन किए गए : |
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| टिप्पणी: इस साइट की सामग्री सामान्य सूचना का सार्वजनिक संसाधन है, जिसे उपयोग किए जाने पर स्वीकार किया जाए। |
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| वचन |
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नई दिल्ली 5 अक्तूबर 2006 अयश्विन 13, 1928 (शक)
भारत सरकार कुछ समय पहले कई वर्षों से सरकारी कर्मचारियों की परिलब्धियों के ढांचे में हुए परिवर्तनों पर विचार कर रही है। पिछले वेतन आयोग ने जब वर्ष 1997 में अपनी रिपोर्ट तैयार की थी, तब से कई पहलुओं से परिस्थितियां भी बदल गई हैं। तदनुसार छठा वेतन आयोग नियुक्त करने का निर्णय लिया गया हैं, जिसमें निम्नलिखित होंगे :
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अध्यक्ष |
श्री जस्टिस बी एन श्रीकृष्ण |
| 2 |
सदस्य |
प्रो. रविंद्र ढोलकिया |
| 3 |
सदस्य |
श्री जे एस माथुर |
| 4 |
सदस्य सचिव |
सुश्री सुषमा नाथ |
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छठे वेतन आयोग के निबंधनों को देखने के लिए
यहाँ क्लिक करें।
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निबंधनों
- सिद्धांतों का परीक्षण करने के लिए/कर्मचारियों की निम्नलिखित श्रेणियों को नकद या मद के रूप में वेतन की संरचना, भत्ते और अन्य सुविधाओं/लाभों का नियंत्रण करने की तिथि:-
- केंद्रीय सरकार के कर्मचारी औद्योगिक तथा गैर-औद्योगिक
- अखिल भारतीय सेवाओं के कार्मिक
- सशस्त्र सेनाओं के कार्मिक
- संघ राज्य क्षेत्रों के कार्मिक.
- भारतीय लेखा परीक्षण और लेखा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी; और
- संसदीय अधिनियम के तहत गठित नियामक निकायों के अधिकारी और कर्मचारी
- केंद्रीय सरकार के संगठनों को आधुनिक, व्यावसायिक तथा नागरिकों के लिए मित्रवत इकाइयों में रूपान्तरित करना, जो जन सेवा में संलग्न हैं।
- उपरोक्त श्रेणी (क) में उल्लिखित केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों की श्रेणियों के लिए एक व्यापक पे-पैकेज निकालने के लिए, जो उपयुक्त रूप से सरकार के अंदर संरचनाओं, संगठनों, प्रणालियों और प्रक्रमों को युक्ति संगत बनाकर दक्षता, उत्पादकता और अर्थव्यवस्था के साथ अर्थव्यवस्था को समर्थन देने, जवाबदेही, उत्तरदायित्व, पारदर्शिता, प्रौद्योगिकी तथा विषय के सुमेल के विचार से जुड़े हों।
- उभरते हुए वैश्विक आर्थिक परिदृश्य की मांग के साथ केंद्र सरकार के संगठनों की कार्यशैल्ी को सुमेलित करना। इसमें अन्य संगत कारकों के अलावा, कर्मचारियों के लिए उपलब्ध समग्र लाभ, युक्तिकरण तथा सरलीकरण की आवश्यकता, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र प्रतिष्ठानों के तहत उपलब्ध प्रचलित वेतन संरचना और सेवानिवृत्ति लाभ, देश की आर्थिक परिस्थितियों को विचार में लिया जाएगा। इसमें केंद्रीय सरकार के संसाधन तथा आर्थिक एवं सामाजिक विकास की मांग, रक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य, राज्यों के वित्त पर इसके प्रभाव, यदि राज्यों द्वारा इसे अपनाया जाता है, भी शामिल है।
- उन सिद्धान्तों का परीक्षण करना, जो 1 जनवरी 2004 से पहले नियुक्त वर्तमान और पूर्व केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के वित्तीय निहितार्थ वाली वेतन संरचना, मृत्यु एवं सेवानिवृत्ति उपदान, पारिवारिक पेंशन और अन्य अंतिम लाभ अथवा आवर्ती लाभों का नियंत्रण करते हैं।
- उन सामान्य सिद्धान्तों, वित्तीय प्राचलों और परिस्थितियों के विषय में सिफारिशें करना, जिन्हें विभिन्न विभागों में मौजूदा तदर्थ बोनस योजना के स्थान पर उत्पादकता से जुड़ी प्रोत्साहन योजना शुरू करने की इच्छा और व्यवहार्यता तथा बोनस के भुगतान का नियंत्रण करना चाहिए और उत्पादकता सूचकांक तथा अन्य संबंधित प्राचलों के निर्धारण के विशिष्ट सूत्र की सिफारिश करना।
- सरकार द्वारा आयोग की सिफारिशें स्वीकार करने के समय तक किसी अंतरिम राहत स्वीकृति की इच्छा और ज़रुरत का परीक्षण करना।
आयोग अपनी प्रक्रिया विधियों को संकल्पित करेगा तथा उक्त सलाहकारों, संस्थागत परामर्शदाताओं और विशेषज्ञों की नियुक्ति कर सकता है, जैसा किसी विशेष प्रयोजन के लिए अनिवार्य पाया जाए। यह उक्त जानकारी मांग सकता है और उक्त साक्ष्य ले सकता है, जैसा अनिवार्य पाया जाए। भारत सरकार के मंत्रालय और विभाग आयोग द्वारा मांगे जाने पर उक्त सूचना और दस्तावेज प्रस्तुत करेगे। भारत सरकार का विश्वास है कि राज्य सरकारें, सेवा संघ तथा अन्य संबंधित व्यक्ति अपनी ओर से आयोग को पूरा सहयोग तथा सहायता देंगे।
आयोग का मुख्यालय दिल्ली में होगा।
आयोग अपने गठन के 18 माह के अंदर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगा। यदि आवश्यकता हो तो सिफारिशों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद किसी भी मामले पर रिपोर्ट भेज सकता है। |
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| सुझाव और टिप्पणियां |
छठवें वेतन आयोग की ओर से जनता, जन प्रतिनिधियों, उपभोक्ता संगठनों, कर्मचारी संघों, राज्य/संघ राज्य क्षेत्रों की सरकारों, मंत्रालयों/विभागों सहित सभी इच्छुक व्यक्तियों से उनके विचार 31 दिसम्बर 2006 तक आमंत्रित किए जाते हैं।
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» ऑनलाइन उत्तर की सुविधा सहित विशिष्ट हित के मुद्दों पर वैयक्तिक/समूहों को उत्तर देने की सुविधा प्रदान करने के लिए एक प्रश्नावली बनाई गई थी।
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» भारतीय राष्ट्रीय पोर्टल, ई-मेल और डाक के माध्यम से प्रश्नावली में आयोग को प्राप्त प्रतिकियाएं देखने के लिए यहां क्लिक करें।
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| छठवें केन्द्रीय वेतन आयोग की रिपोर्ट का प्रस्तुतीकरण |
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| छठवें केन्द्रीय वेतन आयोग के अध्यक्ष, भारत सरकार के वित्त मंत्री को रिपोर्ट पेश करते हुए। |
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छठवें केन्द्रीय वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से और वित्त मंत्रालय की वेबसाइट के माध्यम से पहुंचाया जा सकता है। आयोग अन्य साइटों पर दी जाने वाली सूचना की विश्वसनीयता को प्रमाणित नहीं करता, जिसमें वेतन की गणना के लिए सुविधाएं आदि शामिल हैं और इनमें त्रुटि पूर्ण प्राचलों को लिया गया है। |
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| बैठकें और सुनवाइयां |
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