| साक्षरता
वर्ष 2001 के प्रयोजन के लिए सात वर्ष की आयु और इससे अधिक आयु का व्यक्ति जो किसी भी भाषा में पढ़ सकता है और लिख सकता है और समझ सकता है, उसे साक्षर माना जाता है। एक व्यक्ति जो केवल पढ़ सकता है परन्तु लिख नहीं सकता वह साक्षर नहीं है। वर्ष 1991 के पहले की जनगणना में पांच वर्ष की आयु से कम आयु के बच्चों को अनिवार्य रूप से निरक्षर समझा जाता था।
वर्ष 2001 के अनंतिम परिणाम प्रकट करते हैं कि देश में साक्षरता में वृद्धि हुई है। देश में साक्षरता दर 64.84 प्रतिशत है, पुरूषों के लिए 75.26 प्रतिशत और महिलाओं के लिए 53.67 प्रतिशत।
केरल 90.86 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ अपना शीर्ष स्थान बनाए रखा है, इसके बाद मिज़ोरम (88.80 प्रतिशत) और लक्षद्वीप (86.66 प्रतिशत) पर है। बिहार, जिसकी साक्षरता दर 47.00 प्रतिशत है देश में सबसे नीचे है, इसके ठीक ऊपर झारखण्ड (53.56 प्रतिशत) और जम्मू और कश्मीर (55.52 प्रतिशत) है। केरल का देश में शीर्ष स्थान है जिसका पुरूष 94.24 प्रतिशत और महिला साक्षरता 87.72 प्रतिशत है। इसके विपरीत बिहार में निम्नतम साक्षरता दर पुरूष (59.68 प्रतिशत) और महिला (33.12 प्रतिशत) दोनों में दर्ज किया है।
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