भारत अंतरराष्ट्रीय दृश्यलेख में विदेशी यात्रियों, अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों तथा कुछ अन्य लोगों के लिए भी एक लोकप्रिय गंतत्व्य के रूप में तेज़ी से विख्यात होता जा रहा है जो इस रहस्यमय भूमि में प्रवास के इच्छुक है जिसने उनकी कल्पना शक्ति को आकृष्ट किया है तथा उन्हें अचम्मित किया है। यह देश जो ब्रिटिश उपनिवेश शासन के अभ्याघात से आक्रांत था, सभी कठिनाइयों को सामना करने में समर्थ हुआ है तथा इसने अपनी स्वतंत्रता के पश्चात् 60 वर्ष से भी कम अवधि मे एक आला स्थान बना लिया है। यह अधिकांशत: अनेक प्रतिष्ठित (सुप्रसिद्ध) विश्व दाय स्थलों की विधमानता तथा एक अंतर्हित अध्यात्मवादी बल की उपस्थिति के कारण यात्रा के लिए एक अत्यधिक वांछित गंत्वय में रूपांतरित हो गया हे जो उत्साहशील यात्रियों (पर्यटकों) को अपनी ओर आकृष्ट करता है। किन्तु भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बृहत् राजस्व अर्जक होने के बावजूद पर्यटन एकमात्र दावेदार नहीं है क्योंकि इसके अन्य समर्थनों में भारतीय शिक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण ने अपना स्थान बना लिया है।
भारत का वैश्विक मानचित्र में एक अद्वितीय स्थान है। काफी समय से, सभी प्रकार के यात्री विश्व के कुछ सर्वाधिक प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों तथा स्मारकों का नज़ारा प्राप्त करने के लिए इस देश में आते रहे हैं जो देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के अनुस्मारक है। आगरा में ताजमहल एक ऐसा ही भू-स्थल हे जिसे इसके अद्वितीय शिल्पकारिता सौंदर्य ओर ऐतिहासिक प्रासंगिकता के कारण विश्व के आत आश्चर्यो की सूची में शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, इस दश्ेश उत्प्रेरित किया जाने वाले आध्यात्मिक धर्मोत्साह एक अन्य कारण है जिसके लिए विदेशी इस देश में आते है तथा यह आध्यात्मिक धर्मोत्साह उनके जीवन में भी अपनी छाप छोड़ देता है।
इस मानोहारी भूमि की उदारता का अन्वेषण करने का समृद्ध अनुभव उत्साही पर्यटक का इसकी आरंम्भिक सीमा पर ही स्वागत करता है।
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